सट्टा मटका क्या है? जानिए इसके नियम, इतिहास और खेलने का तरीका

सट्टा मटका कैसे खेलें

सट्टा मटका भारत में उत्पन्न एक लोकप्रिय लॉटरी खेल है। यह मुख्य रूप से संयोग पर आधारित है और इसकी सरलता और आसानी से समझ में आने वाले नियमों के कारण लाखों लोगों को आकर्षित करता है। यह खेल कई लोगों के बीच अत्यधिक प्रसिद्ध हो चुका है।

आपको हम इस लेख में ये बताने वाले हैं कि सट्टा मटका क्या है और इसे कैसे खेला जाता है। अगर आप इस लेख को अंत तक पढ़ते हैं तो निश्चित तौर पर आप इसे आप अच्छे से जान पाएंगे और खेलने में आपके लिए आसानी होगा। साथ ही हम कुछ महत्वपूर्ण नियम और टिप्स और ट्रिक्स भी बताने वाले हैं,जिस से आपको खेलने में मदद मिलने वाला है। तो आइये बिना देर किये इसके बारे में इस लेख के माध्यम से विस्तार से समझते हैं।

सट्टा मटका क्या होता है?

सट्टा मटका एक प्रकार का बेटिंग है जिसे अक्सर ‘बेटिंग का राजा’ भी कहा जाता है। यह खेल भारत में बड़े पैमाने पर खेला जाता है,सट्टा मटका में रिस्क बहुत अधिक होता है, लेकिन इसमें प्राप्त फायदे भी उतने ही विशाल हो सकते हैं, जो इसे लोकप्रिय बनाते हैं।

इस खेल में, खिलाड़ी को तीन संख्याएँ चुननी होती हैं जिनका योग लिया जाता है और उसका अंतिम अंक निकाला जाता है। उदाहरण के लिए, यदि चयनित संख्याएँ 3, 6, और 8 हैं और उनका योग 17 है, तो अंतिम अंक 7 होगा। इस तरह से, खेल में अंतिम चयन दर्शाया जाता है, जो दोनों सेटों के संयोजन से बनता है।

सट्टा मटका में खेलने वाले व्यक्ति विभिन्न बाजारों और राज्यों में इसके परिवारों से जुड़े होते हैं, जो इस खेल को अपने जीवन का हिस्सा मानते हैं। इसे एक सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधि के रूप में भी देखा जा सकता है जो लोगों के बीच आधार बनती है।

इस गेम को कई टिप्स और ट्रिक्स से जीता भी जा सकता है। क्योकि जब आप खेल को जीतने के लिए खेलते हैं तो उसके लिए उस खेल का टिप्स और ट्रिक्स आपको पता होना चाहिए।

सट्टा मटका की परिभाषा

सट्टा मटका एक प्रकार का नंबर गेम है, जो पूरी तरह किस्मत और संयोग पर आधारित होता है। इसकी शुरुआत 1960 के दशक में हुई थी, जब लोग न्यूयॉर्क से बॉम्बे भेजे जाने वाले कॉटन की कीमतों पर दांव लगाया करते थे। समय के साथ इसने एक संगठित जुए का रूप ले लिया, जिसमें 0 से 9 तक के नंबरों पर सट्टा लगाया जाता है। 

आज यह खेल भारत में बेहद लोकप्रिय है और लोग इसमें अपनी किस्मत आजमाने के लिए भाग लेते हैं। इसके सरल नियम और लॉटरी जैसा प्रारूप इसे आम लोगों के बीच आकर्षक बनाते हैं।

यह कैसे काम करता है?

सट्टा मटका खेल में खिलाड़ी 0 से 9 तक की तीन संख्याएँ चुनते हैं। चुनी गई संख्याओं का योग किया जाता है और उसके अंतिम अंक को जोड़ा जाता है, जिससे एक सेट बनता है जैसे 3, 6, 8 का कुल योग 17 होता है, तो अंतिम अंक 7 होता है, और चयन बनता है 3, 6, 8*7। 

ऐसा ही दूसरा सेट भी तैयार किया जाता है। दोनों सेट मिलाकर फाइनल परिणाम तैयार होता है जैसे 3, 6, 87 X 2, 4, 95। खिलाड़ी इन संख्याओं पर विभिन्न तरीकों से दांव लगाते हैं और परिणाम पर आधारित जीत या हार तय होती है।

सट्टा मटका का इतिहास

सट्टा मटका का इतिहास शानदार रहा है। इस खेल को शुरू से ही लोग पसंद करते आ रहे रहे हैं। आइये इसे भी आसान भाषा में समझते हैं। 

1960 के दशक में इसकी शुरुआत

सट्टा मटका की शुरुआत 1960 के दशक में हुई थी, जब व्यापारी न्यूयॉर्क कॉटन एक्सचेंज से बॉम्बे कॉटन एक्सचेंज को भेजी जाने वाली कपास की शुरुआती और समापन दरों पर दांव लगाते थे। यह प्रक्रिया पूरी तरह संयोग पर आधारित थी, जिसमें लोग दरों के उतार-चढ़ाव पर सट्टा लगाकर अपनी किस्मत आजमाते थे। 

शुरुआत में यह एक सीमित दायरे में व्यापारियों के बीच चलता था, लेकिन जल्द ही इसमें आम लोगों की भी रुचि बढ़ने लगी।

कैसे यह मुंबई में लोकप्रिय हुआ?

धीरे-धीरे इस खेल ने मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) में लोकप्रियता हासिल करनी शुरू की। कपास की दरों पर सट्टा लगाने का तरीका समय के साथ बदलता गया और इसकी जगह अब अंकों के चयन पर आधारित लॉटरी जैसी व्यवस्था ने ले ली। 

इसके सरल नियम और न्यूनतम निवेश में बड़ा मुनाफा कमाने की संभावना ने इसे मुंबई के कामकाजी वर्ग और झुग्गी बस्तियों में बेहद लोकप्रिय बना दिया, जहाँ से यह पूरे भारत में फैल गया।

सट्टा मटका कैसे खेला जाता है?

सट्टा मटका एक नंबर आधारित गेम है, जिसे पूरी तरह किस्मत और संयोग पर आधारित माना जाता है। इसे खेलने के लिए खिलाड़ी को 0 से 9 के बीच की तीन संख्याएँ चुननी होती हैं। इन तीन संख्याओं का योग लिया जाता है और उस योग का अंतिम अंक निकाला जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आपने 3, 6, और 8 चुना है, तो इनका योग 17 होगा और अंतिम अंक 7 होगा। 

इस तरह आपका पहला सेट बनेगा: 3, 6, 8*7। यही प्रक्रिया दोबारा दोहराकर दूसरा सेट तैयार किया जाता है। अब तक आपने सट्टा मटका क्या है, इतिहास और इसकी लोकप्रियता के बारे में जाना लेकिन यहाँ हम इसे कैसे आसानी से खेला जा सकता हैं। इसके बारे में जानेंगे :

बेसिक नियम

बेसिक नियमों में यह शामिल है कि खिलाड़ी दो सेट बनाते हैं, और फिर इन सेट्स के आधार पर विभिन्न प्रकार के दांव लगाते हैं, जैसे ओपनिंग नंबर, क्लोजिंग नंबर, जोड़, सिंगल अंक, जाड़ी, पत्ती आदि। रिजल्ट डिक्लेयर होने पर जीतने वाले नंबर से मिलान कर विजेता तय होता है।

नंबर चुनने का तरीका

नंबर चुनने का तरीका पूरी तरह व्यक्तिगत अनुमान, अनुभव और कभी-कभी कुछ पैटर्न्स पर आधारित होता है। कुछ लोग पुराने रिजल्ट्स देखकर अनुमान लगाते हैं तो कुछ अपनी “लकी नंबर” थ्योरी अपनाते हैं। हालांकि यह खेल पूरी तरह जोखिम भरा है, लेकिन इसके संभावित लाभ इसे रोमांचक बनाते हैं।

आखरी विचार

संभवतः आपको सट्टा मटका क्या है और इसके नियम, इतिहास और खेलने का तरीका के बारे में इस लेख के माध्यम से विस्तार से जानने को मिल चुका होगा। क्योकि यहाँ आपको आसान भाषा में पूरी जानकारी दी गई है। ऐसी तमाम और जानकारियों के लिए आप FOMO7 (फोमो7) के ब्लॉग्स पढ़ सकते हैं और साथ ही यहाँ गेम भी खेल सकते हैं। 

सामान्य प्रश्न :

 

इसकी शुरुआत 1960 के दशक में हुई थी, जब व्यापारी न्यूयॉर्क कॉटन एक्सचेंज से कपास की दरों पर दांव लगाते थे।

सरल नियमों और कम पैसे में अधिक जीत की संभावना के कारण यह मुंबई के कामकाजी और गरीब वर्ग में तेजी से फैल गया।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *